‘विपक्ष नहीं चाहता कि लोकतंत्र मजबूत हो’, SIR पर सवाल उठाने वालों को सीएम योगी का करारा जवाब

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर विपक्ष की आलोचना करने वालों को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि लोकतंत्र मजबूत हो और मतदाता सूची शुद्ध व पारदर्शी बने। SIR को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर फर्जी वोटरों को बचाने का आरोप लगाया।

दरअसल, SIR प्रक्रिया में राज्य में करीब 4 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से कम होने का दावा करते हुए सीएम योगी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय होकर अपने समर्थकों के नाम जुड़वाएं। उन्होंने कहा कि इनमें से 85-90 प्रतिशत नाम बीजेपी समर्थकों के हैं, जो शहरी क्षेत्रों में ज्यादा प्रभावित हुए हैं। योगी ने चेतावनी दी कि विपक्ष के पास संगठनात्मक ताकत नहीं है, लेकिन धोखे से काम ले सकता है, इसलिए कार्यकर्ता सतर्क रहें।

विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी ने SIR को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गैर-बीजेपी वोटरों के नाम कटवा रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सीएम खुद मान रहे हैं कि कटे नामों में ज्यादातर बीजेपी के हैं, तो यह उनकी अपनी गड़बड़ी का सबूत है।

सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं की बैठक में साफ कहा कि SIR फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों को हटाने का माध्यम है, जो लोकतंत्र को स्वच्छ बनाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ जिलों में विपक्षी प्रतिनिधियों द्वारा भरे फॉर्म में अवैध प्रवासियों के नाम मिले हैं। योगी का जोर है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह सत्यापित कर लिया जाए, ताकि बूथ स्तर पर मजबूत जीत सुनिश्चित हो।

यह विवाद 2027 के चुनावी तैयारी का हिस्सा बनता जा रहा है, जहां बीजेपी SIR को अपना हथियार बता रही है, जबकि विपक्ष इसे वोटरों के दमन का औजार। चुनाव आयोग ने SIR की समयसीमा बढ़ाकर कार्यकर्ताओं को राहत दी है, लेकिन सियासी तपिश बढ़ती जा रही है।