नई दिल्ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते संकट के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। GRAP-3 और GRAP-4 के तहत निर्माण कार्यों पर लगी रोक से प्रभावित पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 10,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाएगी।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि GRAP-3 पिछले 16 दिनों से लागू है, जिससे हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। सरकार ने उनकी आर्थिक तंगी को देखते हुए यह कदम उठाया है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े श्रमिकों को छोड़कर सभी रजिस्टर्ड मजदूरों को यह लाभ मिलेगा। पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, और जल्द ही सहायता वितरित की जाएगी।
फैसले की मुख्य बातें:
- सहायता राशि: 10,000 रुपये (एक बार की)
- पात्रता: दिल्ली निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में रजिस्टर्ड मजदूर
- कारण: प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण कार्य बंद होने से आय का नुकसान
- अन्य उपाय: सरकारी और निजी संस्थानों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई
यह फैसला दिल्ली में जहरीली हवा से जूझ रहे मजदूरों के लिए संजीवनी साबित होगा। मजदूर संघों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है, लेकिन कुछ ने मांग की है कि अपंजीकृत श्रमिकों को भी शामिल किया जाए।
रेखा गुप्ता सरकार प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ आमजन और श्रमिकों की भलाई पर फोकस कर रही है। अगर AQI में सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। मजदूर भाइयों, अपना पंजीकरण करवाएं और इस सहायता का लाभ उठाएं!