नई दिल्ली : 17 दिसंबर 2025: राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्त फैसला लिया है। सभी सरकारी और निजी संस्थानों में अब केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही ऑफिस आ सकेंगे, जबकि बाकी 50 प्रतिशत को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और प्रदूषण पर लगाम लगे।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज सुबह 328 से 374 के बीच दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। धुंध और स्मॉग की मोटी चादर ने शहर को घेर रखा है, जिससे सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत पहले से लागू प्रतिबंधों के बीच यह नया निर्देश वाहन प्रदूषण को कम करने का प्रमुख उपाय है।
मुख्य निर्देश:
* सरकारी और प्राइवेट ऑफिस: केवल 50% स्टाफ ऑफिस में उपस्थित, बाकी घर से काम करें।
* छूट: अस्पताल, फायर सर्विस, पुलिस, बिजली-पानी सप्लाई, सफाई और अन्य आवश्यक सेवाएं इस नियम से बाहर।
* अन्य उपाय: निर्माण कार्यों पर रोक, पुराने वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित, PUC सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल नहीं मिलेगा।
* स्कूल: कई कक्षाओं में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन-ऑफलाइन) जारी।
पर्यावरण विभाग के इस आदेश से लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी, साथ ही ट्रैफिक जाम और वाहन उत्सर्जन में कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा, लेकिन लंबे समय तक हवा साफ रखने के लिए और सख्त कदमों की जरूरत है।
दिल्लीवासी अब घर से काम कर प्रदूषण से बचें और स्वास्थ्य का ख्याल रखें। अगर AQI में सुधार नहीं हुआ तो और प्रतिबंध लग सकते हैं!